अगर आप 2026 में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं, लेकिन आपके पास पैसों की कमी है, तो केंद्र सरकार की PMEGP (Prime Minister’s Employment Generation Programme) योजना आपके लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकती है। इस योजना के तहत नया उद्योग या सर्विस यूनिट शुरू करने के लिए सरकार भारी सब्सिडी के साथ लोन मुहैया कराती है।

​इस आर्टिकल में हम आसान भाषा में समझेंगे कि PMEGP लोन योजना 2026 क्या है, किसे कितनी सब्सिडी मिलेगी, और आप इसके लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं।

PMEGP लोन योजना क्या है? (What is PMEGP Scheme?)

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा चलाई जाने वाली एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्वरोजगार अवसरों को पैदा करना है।

​इस योजना के तहत अगर आप कोई नया मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) या सर्विस (सेवा) बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो सरकार आपको बैंक के जरिए लोन दिलाती है और उस लोन पर एक बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में माफ कर देती है।

PMEGP लोन की सीमा: 2026 के नए नियम

​सरकार ने इस योजना के तहत लोन की सीमाओं में काफी सुधार किया है, ताकि बड़े स्तर पर बिजनेस शुरू किए जा सकें:

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector): अगर आप कोई फैक्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या प्रोडक्शन का काम शुरू करना चाहते हैं, तो आपको ₹50 लाख तक का लोन मिल सकता है।
  • सर्विस सेक्टर (Service Sector): अगर आप कोई रिपेयरिंग शॉप, क्लिनिक, लॉजिस्टिक्स या कोई अन्य सेवा आधारित बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो इसके लिए ₹20 लाख तक का लोन स्वीकृत किया जा सकता है।

PMEGP 35% सब्सिडी का गणित: किसे कितना फायदा?

​PMEGP योजना की सबसे खास बात इसकी सब्सिडी (Margin Money) है। सब्सिडी की दर इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस केटेगरी (Category) से आते हैं और आपका बिजनेस ग्रामीण इलाके में है या शहरी इलाके में।

नीचे दिये गये लिंक पर जाकर आप लोन के लिए Apply कर सकते हैं

खुद का कितना पैसा लगाना होगा? (Own Contribution)

  • सामान्य वर्ग: कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 10% पैसा खुद लगाना होगा।
  • विशेष वर्ग: कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का केवल 5% पैसा ही खुद लगाना होगा।
  • उम्र: आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए (अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है)।
  • योग्यता: ₹10 लाख से अधिक के मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट और ₹5 लाख से अधिक के सर्विस प्रोजेक्ट के लिए आवेदक का कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है।
  • नया बिजनेस: यह लोन केवल नए बिजनेस (New Projects) को शुरू करने के लिए मिलता है। पुराने बिजनेस को बढ़ाने के लिए यह लागू नहीं होता।
  • संस्थाएं: स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियां और चैरिटेबल ट्रस्ट भी इसके लिए पात्र हैं।
  • ​आवेदक का आधार कार्ड और पैन कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि आप SC, ST, OBC या अल्पसंख्यक श्रेणी से हैं और विशेष सब्सिडी चाहते हैं)।
  • शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र (8वीं या उससे उच्च शिक्षा की मार्कशीट)।
  • परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report – DPR): इसमें आपके बिजनेस का पूरा ब्यौरा, खर्च और कमाई का अनुमान होना चाहिए।
  • ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र (यदि बिजनेस ग्रामीण इलाके में है, तो सरपंच या स्थानीय अथॉरिटी से प्रमाणित पत्र)।
  • पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर।
  • EDP ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (यदि आपने पहले से उद्यमिता विकास कार्यक्रम की ट्रेनिंग ली है, हालांकि यह लोन पास होने के बाद भी की जा सकती है)।
  • ​अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और नाम दर्ज करें।
  • ​इसके बाद आपको उस एजेंसी (Sponsoring Agency) को चुनना होगा जो आपके आवेदन को प्रोसेस करेगी (जैसे- KVIC, KVIB, DIC, या Coir Board)। अपने नजदीकी जिले की एजेंसी चुनें।
  • ​आपका नाम, लिंग, सामाजिक श्रेणी (General/OBC/SC/ST)।
  • ​शैक्षणिक योग्यता।
  • ​आपका पूरा पता और जहां बिजनेस शुरू करना है वहां का पता (शहरी या ग्रामीण ध्यान से चुनें)।
  • बिजनेस का प्रकार: आप क्या काम शुरू करना चाहते हैं और उसकी कुल लागत (Capital Expenditure and Working Capital) कितनी है।
  • बैंक का चयन: उस बैंक और ब्रांच को चुनें जहां से आप लोन लेना चाहते हैं।
  • स्क्रूटनी (Scrutiny): आपके द्वारा चुनी गई एजेंसी (जैसे DIC या KVIC) आपके फॉर्म और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जांच करेगी।
  • इंटरव्यू/सत्यापन: सब कुछ सही पाए जाने पर आपका आवेदन जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (DLTFC) को भेजा जाता है।
  • बैंक को फॉरवर्ड: कमेटी की मंजूरी के बाद आपका लोन केस आपके चुने हुए बैंक को भेज दिया जाता है।
  • लोन मंजूरी: बैंक आपके प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता को देखता है और संतुष्ट होने पर लोन मंजूर (Sanction) कर देता है।
  • EDP ट्रेनिंग: लोन राशि जारी होने से पहले आपको 1-2 हफ्ते की उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) ट्रेनिंग पूरी करनी होती है, जो अब ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
  • सब्सिडी रिलीज: लोन जारी होने के बाद सरकार आपकी सब्सिडी राशि को बैंक में भेज देती है, जो 3 साल के लिए लॉक-इन पीरियड में रहती है। सफल बिजनेस चलाने के बाद यह राशि आपके लोन खाते में एडजस्ट कर दी जाती है।
  • प्रश्न: क्या PMEGP लोन के लिए कोई गारंटी की जरूरत होती है?
    • उत्तर: ₹10 लाख तक के लोन के लिए आमतौर पर किसी कोलेटरल (गारंटी) की आवश्यकता नहीं होती है। यह CGTMSE स्कीम के तहत कवर होता है।
  • प्रश्न: क्या पहले से चल रही दुकान के लिए यह लोन मिल सकता है?
    • उत्तर: नहीं, PMEGP लोन केवल नई यूनिट या नया बिजनेस शुरू करने के लिए ही दिया जाता है।
  • प्रश्न: सब्सिडी का पैसा कब और कैसे मिलता है?
    • उत्तर: बैंक लोन पास होने के बाद सब्सिडी का पैसा बैंक में आ जाता है और 3 साल तक टर्म डिपॉजिट (टीडीआर) के रूप में रहता है। 3 साल तक लोन खाता ठीक से चलने पर यह लोन में एडजस्ट हो जाता है।

Apply करने के लिए लिंक पर जायें

kviconline.gov.in

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